गेल (इंडिया) लिमिटेड भारत की अग्रणी प्राकृतिक गैस कंपनी है, जिसकी संपूर्ण प्राकृतिक गैस मूल्य श्रृंखला और उससे इतर भी एक मज़बूत और विविध उपस्थिति है । इसके प्रचालन कार्यों में प्राकृतिक गैस का संचरण और विपणन, द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) और अन्य द्रव हाइड्रोकार्बन का उत्पादन, एलपीजी संचरण, पॉलिमर उत्पादन और विपणन, शहरी गैस वितरण, एलएनजी सोर्सिंग, शिपिंग और पुनर्गैसीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा पहल और अपस्ट्रीम अन्वेषण एवं उत्पादन गतिविधियाँ शामिल हैं ।
गेल समग्र भारत में व्याप्त लगभग 18688+ किलोमीटर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के व्यापक नेटवर्क का स्वामित्व और प्रचालन करता है । कंपनी सक्रिय रूप से कई पाइपलाइन परियोजनाओं के निष्पादन में कार्यरत है, जिसका उद्देश्य अपने राष्ट्रव्यापी कवरेज का और अधिक विस्तार करना है, जो भारत में प्राकृतिक गैस संचरण बाजार के लगभग 65% हिस्से पर नियंत्रण रखता है ।
प्राकृतिक गैस का व्यापार गेल का मुख्य व्यवसाय है और कंपनी घरेलू प्राकृतिक गैस बाज़ार में लगभग 48% की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखती है । गेल उर्वरक क्षेत्र द्वारा खपत की जाने वाली गैस का लगभग दो-तिहाई और पूरे भारत में गैस-आधारित बिजली संयंत्रों द्वारा उपयोग की जाने वाली गैस का लगभग 45% आपूर्ति करता है । द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) और अन्य द्रव हाइड्रोकार्बन (एलएचसी) पोर्टफोलियो में, गेल के पास देश में तीन स्थानों, विजयपुर (2 इकाइयाँ), पाता, गंधार और वाघोडिया में चार गैस प्रसंस्करण इकाइयाँ (जीपीयू) हैं, जो प्राकृतिक गैस से उच्च अंशों का निष्कर्षण करती हैं । इनकी कुल एलपीजी और एलएचसी उत्पादन क्षमता 1343 केटीए है ।
गेल एलपीजी ट्रांसमिशन के लिए 2,040 किलोमीटर एलपीजी पाइपलाइन नेटवर्क का स्वामित्व और प्रचालन करता है, जिसमें मुख्य रूप से 1,427 किलोमीटर जामनगर-लोनी पाइपलाइन (जेएलपीएल) शामिल है, जो भारत के पश्चिमी और उत्तरी भागों को जोड़ती है और 610 किलोमीटर विशाखपट्टणम- सिकंदराबाद पाइपलाइन (वीएसपीएल) जो देश के दक्षिणी भाग में पूर्वी तट को जोड़ती है । गेल जामनगर-लोनी पाइपलाइन क्षमता को 3.25 एमएमटीपीए से बढ़ाकर 6.5 एमएमटीपीए कर रहा है । गेल उरण-उसर प्रोपेन पाइपलाइन और विजयपुर-पाता सी2/सी3 पाइपलाइन का भी निष्पादन कर रहा है ।
गेल पेट्रोकेमिकल्स उत्पादन के लिए प्राकृतिक गैस के उपयोग में भी अग्रणी है, जिसके पाता परिसर में कुल पॉलिमर क्षमता 810 केटीए है । इसकी सहायक कंपनी, ब्रह्मपुत्र क्रैकर एंड पॉलिमर लिमिटेड (बीसीपीएल), 280 केटीए अतिरिक्त उत्पादन क्षमता जोड़ती है । गेल ने 60 केटीए के लिए पाता में पॉलीप्रोपाइलीन उत्पादों का उत्पादन भी शुरू कर दिया है और शीघ्र ही 'जी-प्रो' ब्रांड नाम के तहत उसर में 500 केटीए का उत्पादन करेगा और शीघ्र ही शुद्ध टेरेफ्थेलिक एसिड (पीटीए) के उत्पादन के माध्यम से पॉलिएस्टर मूल्य श्रृंखला में अपनी उत्पाद श्रृंखला में विविधता लाएगा, जिसे इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, गेल मैंगलोर पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (जीएमपीएल) में 'जी-टेक्स' के रूप में आरम्भ किया गया है ।
द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) बाजार में, गेल के पास अमेरिका, कतर, ऑस्ट्रेलिया आदि से लगभग 16.56 एमएमटीपीए का एक बड़ा पोर्टफोलियो है । गेल एक अग्रणी वैश्विक एलएनजी कंपनी के रूप में उभरा है और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में एलएनजी व्यापार में सक्रिय रूप से शामिल है । गेल कई दीर्घकालिक डील प्राप्त करके, अपनी मांग को पूरा करने के लिए एलएनजी कार्गो का आयात करके और आयात टर्मिनलों से लेकर परिवहन और शहरी गैस वितरण नेटवर्क तक एलएनजी अवसंरचना का विस्तार करके अपने एलएनजी सोर्सिंग पोर्टफोलियो को मजबूत करता है । गेल ने गेल भुवन, गेल सागर, गेल ऊर्जा, ग्रेस एमिलिया, मेडिटेरेनियन स्पिरिट और मारन गैस उइसेस नामक 09 एलएनजी वेज़ल एवं कई स्पॉट को लाकर अपनी एलएनजी क्षमता में भी विस्तार किया है । कंपनी अपनी सहायक कंपनी कोंकण एलएनजी लिमिटेड के माध्यम से दाभोल में एलएनजी टर्मिनल का भी प्रचालन करती है । इस टर्मिनल को सभी मौसमों के लिए उपयुक्त बंदरगाह घोषित किया गया है ।
गेल की 10 ईएंडपी ब्लॉकों में भागीदारी है, जिनमें से 08 भारत में, 2 ब्लॉक म्यांमार में और ईगल फोर्ड बेसिन, टेक्सास, अमेरिका में पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी - गेल ग्लोबल (यूएसए) इंक. के माध्यम से ईगल फोर्ड बेसिन, टैक्सास में 1 शेल गैस एक्रिएज है ।
गेल भारत में शहरी गैस वितरण व्यवसाय में अग्रणी है, जिसके 8 संयुक्त उद्यम और 3 सहायक कंपनियाँ भारत में अपने शहरी गैस वितरण व्यवसाय के लिए कार्यरत हैं । गेल समूह की कंपनियाँ देश भर के कुल 72 भौगोलिक क्षेत्रों में अधिकृत हैं । गेल समूह की कंपनियां देश भर में 72 भौगोलिक क्षेत्रों में अधिकृत हैं, जो देश भर में ~10.9 मिलियन पीएनजी ग्राहकों और 3250+ सीएनजी स्टेशनों की जरूरतों को पूरा करती हैं । इसके अतिरिक्त, 9,250+ औद्योगिक उपभोक्ता और 23,050+ वाणिज्यिक प्रतिष्ठान प्राकृतिक गैस नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
गेल की अपने विदेशी व्यापार प्रचालन के माध्यम से एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति है । संयुक्त राज्य अमेरिका में, गेल ग्लोबल (यूएसए) इंक, गेल ग्लोबल (यूएसए) एलएनजी एलएलसी और ईगल फोर्ड शेल एकरेज के माध्यम से कार्य करता है । सिंगापुर में, इसकी उपस्थिति गेल ग्लोबल (सिंगापुर) पीटीई लिमिटेड के माध्यम से स्थापित की गई है । गेल की चीन में चाइना गैस होल्डिंग लिमिटेड में भी रणनीतिक भागीदारी है और यह एलएलसी भारत ऊर्जा कार्यालय के माध्यम से रूस में संचालित होता है । मिस्र में, गेल फेयूम गैस और नटगास से जुड़ा हुआ है, जबकि म्यांमार में, यह एसईएजीपी कंपनी लिमिटेड के माध्यम से ए1 और ए3 ईएंडपी ब्लॉक में शामिल है । इसके अतिरिक्त, गेल की एलएनजी जैपोनिका शिपिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से साइप्रस में उपस्थिति है ।
अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में, गेल अपने आंतरिक उपभोग लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कैप्टिव नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास और आंतरिक क्षमताओं को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करता है । गेल की कुल स्थापित क्षमता 154 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा है, जिसमें से लगभग 118 मेगावाट पवन ऊर्जा और लगभग 36 मेगावाट सौर ऊर्जा से प्राप्त होती है । वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में अपने कदम बढ़ाते हुए और राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के साथ जुड़कर, गेल ने मध्य प्रदेश के विजयपुर में अपना पहला हरित हाइड्रोजन संयंत्र चालू किया है , जिसमें 10 मेगावाट का पीईएम इलेक्ट्रोलाइज़र है जो अक्षय ऊर्जा का उपयोग करके 4.3 टन प्रतिदिन उच्च शुद्धता वाली हाइड्रोजन का उत्पादन करता है ।
गेल पूरे भारत में शहरी गैस वितरण (सीजीडी) क्षेत्र को बायोगैस की आपूर्ति के लिए सीबीजी-सीजीडी सिन्क्रोनाइजेशन योजना को आगे बढ़ा रहा है । कंपनी ने 128 भौगोलिक क्षेत्रों में बायोगैस आपूर्ति शुरू कर दी है और रांची में 5 टन प्रतिदिन उत्पादन क्षमता वाला अपना पहला संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) संयंत्र चालू कर दिया है ।
गेल ने एक महत्वाकांक्षी नेट जीरो लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसका लक्ष्य 2035 तक स्कोप I और स्कोप 2 में 100% की कमी और 2040 तक स्कोप 3 उत्सर्जन में 35% की कमी करना है । कंपनी ने कई डीकार्बोनाइजेशन रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए निष्पादन के लिए एक मजबूत रोडमैप विकसित किया है । इनमें प्राकृतिक गैस आधारित उपकरणों का विद्युतीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा का एकीकरण, संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) का नियोजन, हरित हाइड्रोजन पहल, CO₂ वाष्पीकरण, ऊर्जा दक्षता में सुधार और वनीकरण तथा फस्ट जेनरेशन पीढ़ी के इथेनॉल के माध्यम से कार्बन ऑफसेटिंग शामिल हैं ।
पाइपलाइन नेटवर्क
भारत में प्राकृतिक गैस विपणन में 48% बाजार हिस्सेदारी
65%
भारत में प्राकृतिक गैस परिवहन बाजार में 65% हिस्सेदारी
एलपीजी पाइपलाइन नेटवर्क
एलपीजी पोर्टफोलियो
पॉलिमर उत्पादन क्षमता
सीजीडी परियोजनाओं के अंतर्गत 72 भौगोलिक क्षेत्रों का कवरेज
पीएनजी कनेक्शन
सीएनजी स्टेशन
बायोगैस आपूर्ति के लिए 100 भौगोलिक क्षेत्रों का कवरेज
एलएनजी पोत (जहाज)
विदेशी व्यवसाय
(8 भारत में और 2 म्यांमार में) तथा अमेरिका में अतिरिक्त 1 क्षेत्र
स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता